Sadguru Nigamanand Vani 10

जयगुरु 🙏🏻
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मन स्वाभाविक रूप से प्रवृत्ति पथ में दौड़ता है, साधना के माध्यम से उसे निवृत्ति मार्ग में वापस लाना चाहिए तब जाकर चित्त स्थिर होता है।

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