Sadguru Nigamanand Vani 13

अतीत के संस्कारों को पूरी तरह से मिटाना मुश्किल है, यह दो मुँहे जोंक की तरह, एक मुँह से पीछा छुड़ाओं तो दूसरे मुँह से जकड़ लेता है।

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