Sadguru Nigamanand Vani 21

जयगुरु 🙏🏻
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योग के माध्यम से गुणों का क्षय होकर चित्त की शुद्धि होती है । चित्तशुद्धि होने से ईश्वर की विमल ज्योति अपने में प्रतिबिंबित होती है।
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